महिलाओं में होने वाली हृदय रोग की समस्या जानिए इसका कारण, उपचार, बचाव, संकेत

महिलाओं की हार्ट प्रोब्लम् (हृदय रोग)

संकेत व बचाव

मौजूदा वैश्विक आंकड़ों के अनुसार हर साल करीब 17.3 मिलियन लोगों की हृदय रोगों के कारण मृत्यु हो जाती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार इनमें से लगभग 8.6 मिलियन महिलाएं हैं।

आज की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में महिलाएं अपना ज्यादातर समय प्रोफेशनल कैरियर संभालने में बिता देती हैं तथा अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पाती हैं, जिसके कारण वह हृदय रोग का शिकार हो जाती हैं।

हृदय रोग से कैसे बचें महिलाएं.. Prevention

हृदय रोग से बचने के लिए अपने स्वास्थ्य की नियमित जाँच करानी चाहिए। इससे किसी भी तरह की समस्या का शुरूआत में ही पता चल जाता है, हालांकि कुछ एहतियात बरतकर भी हृदय रोग से बचा जा सकता है।

जो निम्नलिखित हैं…

यदि आप धूम्रपान करती हैं तो तुरंत छोड़ दें क्योंकि इससे हाई ब्लड प्रेशर होने की संभावना होती है, जिससे आपको हार्ट अटैक हो सकता है।

अगर आप मोटी हैं तो शारीरिक गतिविधियों द्वारा अपने बढ़ते वजन को रोकने का प्रयास करें तथा खाने में केवल पौष्टिक भोजन ही खाएं।

खाने में पालक, गाजर, आड़ू और जामुन जैसे एंटीऑक्सीडेंट फलों और सब्जियों का प्रयोग करें।

महिलाओं को अपने कोलेस्ट्रॉल के स्तर का खास ध्यान रखना चाहिए।

जिन महिलाओं का कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है उनमें हृदय रोग की संभावना बढ़ जाती है।

हृदय रोग के लक्षण Symptoms

हृदय रोग का पहला लक्षण यह है कि इसमें सीने के बीचो बीच दर्द उठता है तथा कुछ समय बाद बंद हो जाता है और उसके बाद फिर शुरू हो जाता है।

व्यक्ति को बेचैनी महसूस होती है, एक या दोनों हाथों में झनझनाहट और दर्द के अलावा पीठ, गर्दन, जबड़े या पेट में दर्द होना भी हृदय रोग के लक्षण हैं।

सांस लेने में किसी भी प्रकार की तकलीफ होती है। इसके अलावा जी मिचलाना और सिर में लगातार हल्का दर्द रहना भी हृदय रोग का लक्षण है।

समय रहते जांच आवश्यक

डॉक्टरों के अनुसार 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को अपना नियमित हेल्थ चेकअप अवश्य करवाना चाहिए।

मार्केट में कई कंपनियां हृदय रोग की जांच के लिए विशेष पैकेज उपलब्ध करवाती हैं।