सर्दियों में योग से कैसे बूस्ट करें प्रतिरक्षा तंत्र, और रहे स्वस्थ हरदम

योगासन, जो सर्दियों में बूस्ट करेंगे इम्यूनिटी

सर्दियों के मौसम में सर्दी और जुखाम होना बेहद सामान्य बात है। कमजोर शरीर और, रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर आप एक्टिव लाइफस्टाइल से दूर हो सकते हैं और आसानी से बीमारियों के शिकार बन सकते हैं।

सर्दी-जुकाम और बुखार से बीमार होकर दिन भर बेड पर लेटे रहना और काम से दूर रहना काफी उलझन भरा हो सकता है। ऐसी स्थिति में हर किसी के मन में सिर्फ एक ही बात आती है कि, कैसे भी करके बस ये बीमारी ठीक हो जाएइस स्थिति में आपकी मदद योग आसानी से कर सकता है। योग एक नेचुरल इम्यूनिटी बूस्टर है जो शरीर और मन को स्वस्थ बनाने के साथ ही ढेरों बीमारियों से बचाने में भी मदद करता है

इसीलिए इस आर्टिकल में मैं आपको ऐसे योगासनों के बारे में जानकारी दूंगा जो आपके शरीर को स्वस्थ बनाने के साथ ही सर्दियों में इम्यूनिटी बढ़ाने में भी मदद करेंगे

क्या करता है इम्यून सिस्टम What Does The Immune System Do


इम्यून सिस्टम या रोग प्रतिरोधक क्षमता कोशिकाओं, ऊतकों और अंगों का विशाल और व्यवस्थित नेटवर्क है। यह कीटाणुओं, वायरस और माइक्रोऑर्गेनिज्म से शरीर की रक्षा करता है।

इम्यून सिस्टम शरीर को बीमारियों/इंफेक्शन से बचाने और स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता हैइतने विशाल सिस्टम को सही तरीके से काम करने के लिए पूरी तरह से व्यवस्थित संचालन तंत्र की जरूरत पड़ती है, हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम भी बिल्कुल इसी तरह काम करता है, ये सबसे पहले शरीर में बीमारी के कीटाणुओं की पहचान करता है और इसके बाद उससे लड़ने के लिए व्यवस्थित स्टेप्स में काम करता है

कई बार हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम विभिन्न कारणों से प्रभावित हो जाता है, इन कारणों में स्ट्रेस, एक्टिव लाइफस्टाइल न होना, खानपान की खराब आदतेंआदि शामिल हैं,

जब भी ये सारी आदतें आपके व्यवहार का हिस्सा बनने लगें तो इसे अच्छा नहीं कहा जा सकता है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि आप योग के निरंतर अभ्यास से अपनी पुरानी चमक और सेहत को वापस पा सकते हैं।अगर आपको यकीन न आ रहा हो तो आपको ये आर्टिकल अंत तक पढ़ना ही चाहिए।

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए योग Yoga To Boost The Immune System

योग और इम्यून सिस्टम का आपस में गहरा नाता है। जैसे किसी भी काम को सही तरीके से करने के लिए संतुलन और स्थिरता की जरूरत पड़ती है, यही बात हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम पर भी लागू होती है। जब भी शरीर में असंतुलन और अस्थिरता आती है, हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम प्रभावित होने लगता हैयोग से शरीर को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है जो स्ट्रेस लेवल को कम करने और शरीर की स्थिति को बेहतर बनाने में मदद करती है, स्ट्रेस ही शरीर के कमजोर इम्यून सिस्टम का मुख्य कारण हैऐसे कई योगासन हैं जो शरीर को मजबूत बनाने और इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

अगर उनका नियमित रूप से अभ्यास किया जाए तो हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है

इम्यून सिस्टम के लिए योगासन Yoga Asanas For Immune System

वृक्षासन Vrikshasana/Tree Pose

वृक्षासन को पेड़ आसन भी कहा जाता है, ऐसा इस वजह से है क्योंकि ये पेड़ की स्थिरता और संतुलन को दिखाता है, वृक्षासन को हठ योग का बेहद सरल आसन माना जाता है, इसका अभ्यास भोर में खाली पेट और ताजे दिमाग से किया जाना चाहिएलेकिन अगर किसी कारणवश इसका अभ्यास सुबह न कर पाएं तो आप इसे ऑफिस के लंच ब्रेक के दौरान या डिनर से पहले भी कर सकते हैं, इस आसन में आपको खुद को संतुलित करना है और हर पैर पर गहरी सांसें लेते हुए इस आसन का अभ्यास करना है

वृक्षासन के फायदे

रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है
नसों और मसल्स के बीच संपर्क को बढ़ाता है
मेंटल स्थिरता को बढ़ाता है।
सोचने की शक्ति को बढ़ाता है।
पूरे शरीर को अच्छी स्ट्रेचिंग देता है
स्टेमिना बढ़ाता है और फोकस करने की शक्ति देता है
आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करता है
नर्व्स सिस्टम को राहत देने में मदद करता

पादांगुष्ठासन Padangusthasana/ Big Toe Pose

पादांगुष्ठासन को योग विज्ञान का महत्वपूर्ण आसन माना जाता है, ये शरीर की कई मसल्स को एक साथ स्ट्रेच करने में मदद करता है। इनमें आपकी टांगों के पीछे की मांसपेशियां, रीढ़ और गर्दन की मांसपेशियां शामिल हैंपादांगुष्ठासन हठ योग का आसन है, इसका अभ्यास रोज सुबह खाली पेट 30 सेकेंड तक किया जा सकता है अगर आप सुबह ये आसन न कर सकें तो इसका अभ्यास रात के भोजन से 2-3 घंटे पहले किया जा सकता है

पादांगुष्ठासन के फायदे

दिमाग को शांत करता है।
स्ट्रेस और एंग्जाइटी को दूर करता है
पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करता है
लिवर और किडनी में रक्त संचार को बढ़ाता है
शरीर को खोई हुई ऊर्जा हासिल करने में मदद करता है
केंद्रीय नर्व्स सिस्टम को रिलेक्स करता है
इंसोम्निया/अनिद्रा को दूर करने में मदद करता है

त्रिकोणासन Trikonasana/Triangle Pose

त्रिकोणासन को त्रिभुज आसन भी कहा जाता है, इस आसन को ये नाम इसकी त्रिभुज जैसी आकृति की वजह से मिला है। ये इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने वाले सबसे अच्छे आसनों में से एक हैत्रिकोणासन विन्यास शैली का आसान योगासन है इस आसन का अभ्यास 30 सेकेंड या 5 से 10 गहरी सांसें लेने तक किया जाना चाहिएत्रिकोणासन का अभ्यास सुबह के समय खाली पेट किया जाना चाहिए, लेकिन अगर आप किसी कारणवश त्रिकोणासन को सुबह न कर सकें तो खाने के कम से कम 2-3 घंटे बाद भी इस आसन का अभ्यास कर सकते है

त्रिकोणासन के फायदे

शरीर में रक्त संचार सुधारता है
पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है
ब्लड प्रेशर को कम करता है
ध्यान केंद्रित करने की क्षमता सुधारता है
शरीर का संतुलन बनाने में मदद करता है
दिमाग को शांत करता है
स्ट्रेस से निपटने में मदद करता है

उत्कटासन Utkatasana/ Chair Pose

उत्कटासन को कुर्सी आसन भी कहा जाता है। इस आसन को करने में कोई भी कठिनाई नहीं आती है, सिर्फ कुर्सी की तरह आकृति बनाकर बैठना होता है, लेकिन कुर्सी नहीं होती है, शरीर को कुर्सी की तरह मोड़कर बैठना होता है। यही इस आसन का सबसे बड़ा चैलेंज होता है
उत्कटासन का अभ्यास 30 से 60 सेकेंड तक या 5-10 गहरी सांसें लेने तक किया जा सकता है

उत्कटासन के फायदे

शरीर में शक्ति, ऊर्जा और संतुलन को सुधारता है।
दिल को स्टिम्यूलेट करता है।
पेट के भीतरी अंगों को अच्छी मसाज देता है।
संपूर्ण शरीर को एक साथ एक्टिव करता है

भुजंगासन Bhujangasana/Cobra Pose

भुजंगासन को सर्पासन भी कहा जाता है। ये सांप के उठे हुए फन के जैसा दिखता है। भुजंगासन सूर्य नमस्कार आसन का हिस्सा है। भुजंगासन को अष्टांग योग में बेसिक लेवल का आसन माना जाता है। इसका अभ्यास 15-30 सेकेंड या 5-10 लंबी सांसें लेने तक किया जा सकता है

भुजंगासन के फायदे

भुजंगासन से पाचनतंत्र स्टिम्यूलेट होता है।
शरीर में रक्त संचार बढ़तासर्दियों में योग से कैसे बूस्ट करें प्रतिरक्षा तंत्र, और रहे स्वस्थ हरदम।
दिल और फेफड़ों के ब्लॉकेज खुल जाते हैं।
स्ट्रेस से छुटकारा पाने में मदद मिलती है।
रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बढ़ता है।
मूड सुधरता है।
शरीर के कोर से ऊर्जा बढ़ती है

सारांश Summary

ये योगासन आपके इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। ये मदद प्रत्यक्ष और परोक्ष दोनों रूप में हो सकती है। स्वस्थ इम्यून सिस्टम की मदद से न सिर्फ आप बीमारियों से दूर रहते हैं बल्कि स्वस्थ और प्रसन्न भी रहते हैं

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