मकरासन क्या है, कैसे करें? करने का तरीका फायदे एवं सावधानियां

मकरासन :-

मकरासन का नाम “मकर” शब्द पर रखा गया है। मकर का मतलब होता है मगरमच्छ। इस आसन में आप मगरमच्छ की मुद्रा में होते हैं, इस लिए नाम दिया गया “मकरासन”

आजकल की भागदौड़ वाली जीवनशैली के लिए योग काफी लाभदायक होता है। योग के नियमित अभ्यास से शरीर, मन और मस्तिष्क तीनों को सही तरह से काम करने की ऊर्जा मिलती है। इससे हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

आज हम आपको ऐसे योगासन के बारे में बता रहे हैं जिसके अभ्यास से पीठ, जोड़ों और स्लिप डिस्क जैसे रोगों में राहत मिलती है। हम बात कर रहे हैं मकरासन की, संस्कृत में मकर का अर्थ मगरमच्छ होता है। इस आसन में शरीर मगरमच्छ के समान दिखता है इसलिए इसे मकरासन कहा जाता है

मकरासन करने का तरीका –

1.पेट के बाल लेट जायें


2.सिर और कंधों को ऊपर उठाएं और ठोड़ी को हथेलियों पर, और कोहनियों को ज़मीन पर टिका लें


3.रीढ़ की हड्डी में अधिक मोड़ लाने के लिए कोहनियों को एक साथ रखें (ध्यान रहे ऐसा करने में दर्द ना हो)


4.गर्दन पर अतिरिक्त दबाव हो तो कोहनियों को थोड़ा अलग करें। अगर कोहनियाँ ज़्यादा आगे होंगी तो गर्दन पर अधिक दबाव पड़ेगा, शरीर के करीब होंगी तो पीठ पर अधिक दबाव पड़ेगा, अपने शरीर की हिसाब से कोहनियों की सही जगह चुनें। उत्तम जगह वा है जहाँ आपको पीठ और गर्दन में पूरी तरह से आराम महसूस हो।


5.पूरे शरीर को शिथिल करें और आँखें बंद कर लें

6. बढ़ते मोटापे से परेशान लोग इस आसन का नियमित अभ्यास करें, इससे वजन कम करने में फायदा मिलता है

7. जिन लोगों को नींद की समस्या होती है उनके लिए भी मकरासन लाभदायक होता है

8. जोड़ों के दर्द में राहत पाने के लिए इस आसन का अभ्यास किया जा सकता है, इसके अभ्यास से घुटनों, कंधों, कहोनियों और गर्दन के दर्द में राहत मिलती है

9. पेट से जुड़ी समस्याओं के लिए भी मकरासन लाभदायक होता है। यह पाचन क्रिया को ठीक रखने में मदद करता है और ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है

मकरासन के फायदे –

1.पूरे तंत्रिका तंत्र, शरीर और मन को आराम देता है, ख़ास तौर से पीठ को


2.यह आसन स्लिप-डिस्क, कटिस्नायुशूल (साएटिका), पीठ के निचले हिस्से में दर्द या किसी अन्य स्पाइनल परेशानी से पीड़ित लोगों के लिए बहुत प्रभावी है


3.अस्थमा के लिए यह चिकित्सीय है

4. पेट से जुड़ी समस्याओं के लिए भी मकरासन लाभदायक होता है। यह पाचन क्रिया को ठीक रखने में मदद करता है और ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है

रखें इस बात का ध्यान

अन्य आसनों की अपेक्षा यह आसन बहुत अलग है। इसका अर्थ यह है कि इस आसन का अभ्यास तनाव रहित मन और मस्तिष्क के साथ किया जाता है क्योंकि यह आसन आराम की मुद्रा में लेटने की क्रिया है।

मकरासन का अभ्यास करने का सही समय सुबह है, क्योंकि इस आसन को करने के लिए एकदम शांत जगह एवं वातावरण की जरुरत पड़ती है। मकरासन का अभ्यास करने से पहले पेट खाली रखें। यदि किसी कारणवश आप शाम को इस आसन का अभ्यास करते हैं तो अभ्यास से कई घंटे पहले तक कुछ खाएं नहीं, तभी यह आसन फायदेमंद होगा

पहले करें ये आसान

मार्जरी आसन (Marjariasana or Cat Pose)

बालासन (Balasana or Child’s Pose)

बाद में करें ये आसान

भुजंगासन

सेतुबंध आसन

सलभ आसन

मकरासन करने में क्या सावधानी बरती जाए


यदि मकरासन करने में कैसे भी दर्द का अनुभव होता है तो इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

ये आसन गर्भावस्था में नही करना चाहिए

आप की रीढ़ की हड्डियों में यदि किसी भी प्रकार की सर्जरी हुई हो तो नही करना चाहिए

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